कानून का खौफ भले ही अपराधियों में कम है लेकिन कोविड-19 का खौफ इतना है कि भागलपुर समेत पूरे सूबे में अपराध की घटनाओं में कमी आई है बिहार पुलिस की पुलिसिंग भी कोरोनावायरस के पास घूम रही है जेलों में बंद बंदियों और कैदियों में जहां उनको अपनी जान का डर सता रहा है वहीं कोरोना से वे अपनी जिंदगी की भीख मांग रहे हैं सरकारी व्यवस्था दम तोड़ रही है जबकि कोविड-19 ताण्डव मचा रहा है एक वायरस ने पूरे सिस्टम को बेहोश कर दिया है टीका आने के बाद भी टीकाकरण नहीं हो पा रहा है 18 प्लस के लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं दवाओं की कालाबाजारी चरम पर है बहती गंगा में कालाबाजारी करने वाले लोग डुबकी लगा रहे हैं
कई डॉक्टर मानवता की मिसाल भी कायम कर रहे हैं कहे तो को 19 ने पूरी जिंदगी को उलट-पुलट दिया है लोगों को बता दिया है कि आखिरकार प्रकृति लोगों के भौतिक सुखों पर कितना भारी है virus ने सब को अपनी मुट्ठी में कर लिया है चाहें वे गरीब हो या अफसर हो या लेबर हर आदमी कराह
रहा है दर्द है जिसकी कोई दवा नहीं है रोने का मन कर रहा कर रहा है लेकिन आंखों में आंसू नहीं है समय ने आदमी को बता दिया है कि वक्त से बड़ा कोई नहीं होता है| बेबस आदमी टाइम से गुहार लगा रहा है ऐसे बुरे दिन को जल्दी ले जाए सभी को अच्छे दिन का इंतजार है उम्मीद है कि लोग अपनी दिनचर्या और अपने स्वार्थ को बदलेंगे कोविड-19 की दस्तक को समझने की jarurat है
